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खेजड़ली शहादत को 231 साल, 363 लोगों ने पेड़ बचाने के लिए कटवा दिए थे सिर

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khejarli movement in jodhpur

खेजड़ली में 231 साल पहले पेड़ों को बचाने के लिए शहीद हुए 363 लोगों को नमन को नमन किया गया। विश्नोई समाज के हजारों लोग जोधपुर के खेजड़ली में उमड़े। इस दौरान हवन कुंड में आहुतियां देकर पर्यावरण व जीव रक्षा का संकल्प लिया।

जोधपुर। जिले के खेजड़ी में बुधवार को शहीद मेला आयोजित हुआ। इस मेले में पेड़ों की खातिर 231 साल पहले शहीद हुए 363 लोगों की शहादत को नमन किया। जोधपुर से पच्चीस किलोमीटर दूर खेजड़ली में यह मेला हर साल आयोजित होता है। इसे पहला चिपको आंदोलन भी कहा जाता है।

खेजड़ली बलिदान की गाथा

वर्ष 1787 में जोधपुर (मारवाड़) के महाराजा अभयसिंह ने मेहरानगढ़ में फूल महल का निर्माण शुरू कराया। इसके लिए लकड़ियों की आवश्यकता पड़ी। महाराजा के सिपाही खेजड़ली गांव में पेड़ काटने पहुंच गए। गांव की अमृता देवी विश्नोई ने इसका विरोध किया।

सिपाहियों ने विरोध को अनसुना करने पेड़ काटने लगे। इस पर अमृतादेवी पेड़ से लिपट गई। लेकिन राजा के कारिंदों ने तलवार से उसे मार दिया। इसके बाद बारी-बारी से उसकी तीन पुत्रियों ने पेड़ को बचाने के लिए अपना बलिदान दे दिया।

पेड़ बचाने के लिए अमृता देवी के शहीद होने का समाचार आसपास के गांवों में फैला तो बड़ी संख्या में लोग एकत्र होना शुरू हो गए। आसपास के 60 गांवों के 217 परिवार के 294 पुरुष, 65 महिलाएं विरोध करने गांव पहुंचे। ये सभी लोग पेड़ों को पकड़ कर खड़े हो गए। राजा के कारिंदों ने बारी-बारी से सभी को मौत के घाट उतार दिया। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की जानकारी महाराजा तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत सभी को वापस लौटने का आदेश दिया।

इसके बाद महाराजा ने लिखित में आदेश जारी किया कि मारवाड़ में कभी खेजड़ी के पेड़ को नहीं काटा जाएगा। इस आदेश की आज तक पालना होती आई है। यह घटना भादवा सुदी दशम को हुई थी। इसे बलिदान दिवस के रुप में मनाया जाता है। खेजड़ली गांव में विश्नोई समाज के लोगों का मेला लगता है। इस मेले में विश्नोई समाज से जुड़े हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं और बलिदानियों को नमन करते हैं।

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RSS ने सरकारों से कहा: परिवार मजबूत रहें, इसके लिये उठाये कदम

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ग्वालियर में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में शनिवार को सशक्त परिवार कैसे बने, इसको लेकर मंथन हुआ।

इस दौरान प्रस्ताव पास किया गया। जिसमें परिवारों का विखंडन रोकने के लिये आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया। आरएसएस के कार्यकर्ताओं से इस मिशन से जुड़ने का आह्वान किया गया है। प्रस्ताव में मां की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। प्रतिनिधि सभा ने सभी सरकारों से भी अनुरोध किया है कि वे परिवार को सशक्त बनाने के लिये जरूरी कदम उठाये।

बैठक में समाज में बढ़ते अपराधों और विकृतियों पर गहरी चिंता जताई गई। इसके लिए परिवार विखंडन को जिम्मेदार ठहराया गया। वक्ताओं का मानना है कि इससे हिंदू समाज के सामने कई तरह की चुनौतियां खड़ी हो रही है। प्रस्ताव के अनुसार, परिवार व्यवस्था हमारे समाज का मानवता को दिया हुआ अनमोल योगदान है। अपनी विशेषताओं के कारण हिन्दू परिवार व्यक्ति को राष्ट्र से जोड़ते हुए वसुधैव-कुटुम्बकम् तक ले जाने वाली यात्रा की आधारभूत इकाई है। परिवार व्यक्ति की आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा की सम्पूर्ण व्यवस्था के साथ-साथ नई पीढ़ी के संस्कार निर्मिति एवं गुण विकास का महत्त्वपूर्ण माध्यम है। हिन्दू समाज के अमरत्व का मुख्य कारण इसका बहुकेन्द्रित होना है एवं परिवार व्यवस्था इनमें से एक सशक्त तथा महत्त्वपूर्ण केन्द्र है।

एकल परिवारों की बढ़ती संख्या पर चिंता

प्रस्ताव में संयुक्त परिवारों की संख्या कम होने पर चिंता जताई गई। एकल परिवार संस्कृति से एकाकीपन बढ़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप नशाखोरी, हिंसा, जघन्य अपराध तथा आत्महत्याएँ चिन्ताजनक स्तर पर पहॅुंच रही हैं। परिवार की सामाजिक सुरक्षा के अभाव में वृद्धाश्रमों की सतत वृद्धि चिंताजनक है।

परिवार संरक्षण के लिये अपील

समाज निर्माण की दिशा में पूज्य साधु-सन्तों एवं धार्मिक-सामाजिक-शैक्षणिक-वैचारिक संस्थाओं की सदैव महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है. प्रतिनिधि सभा इन सबसे भी अनुरोध करती है कि वे परिस्थिति की गंभीरता को समझकर परिवार संस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए हर सम्भव प्रयास करें।

प्रचार-प्रसार से जुड़े संस्थाओं से अपील की गई है कि वे सकारात्मक रवैया अपनाये और परिवार की जड़ें मजबूत करने का प्रयास करें।

फिल्म निर्माताओं से अपील की गई है कि वे ऐसी फिल्मों का निर्माण करें जिससे परिवार मजबूत बनें।

प्रतिनिधि सभा सभी सरकारों से भी अनुरोध करती है कि वे शिक्षा-नीति बनाने से लेकर परिवार सम्बंधी कानूनों का निर्माण करते समय परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपना रचनात्मक योगदान दें।

परिस्थितिजन्य विवशताओं के कारण एकल परिवारों में रहने के लिये बाध्य हो रहे व्यक्ति भी अपने मूल परिवार के साथ सजीव संपर्क रखते हुए निश्चित अंतराल पर कुछ समय सामूहिक रूप से अवश्य बिताएँ।

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शबरीमाला: RSS का आरोप हिंदुओं पर ज्यादती कर रही है केरल सरकार

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा शुक्रवार से यहां ग्वालियर में शुरू हुई। इस प्रतिनिधि सभा में शबरीमला मंदिर मामला और परिवार व्यवस्था के संरक्षण पर पारित किए जाएंगे।

यहां केदारधाम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के सभागार में बैठक का शुभारंभ सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह भय्याजी जोशी ने भारतमाता के चरणों में पुष्प अर्पित कर किया। बैठक के दौरान विभिन्न सत्रों में होने वाली चर्चा की पत्रकारों को जानकारी दी। सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने बताया कि शबरीमला देवस्थान मामला सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा से जुड़ा है। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के दखल की आड़ लेकर केरल सरकार हिन्दू श्रद्धालुओं के साथ ज्यादाती कर रही है। इस विषय पर बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

बैठक में वर्तमान परिस्थितियों में परिवार व्यवस्था के समक्ष चुनौतियों पर भी चर्चा होगी। संघ इस विषय में भारतीय दर्शन के अनुसार ‘मैं से हम’ तक जाने की प्रक्रिया पर समाज के बीच काम करेगा।

आरएसएस की प्रतिनिधि सभा

वैद्य ने बताया कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक संघ कार्य के संबंध में निर्णय लेने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी बैठक वर्ष में एक बार आयोजित की जाती है। यह बैठक एक साल दक्षिण में, एक साल उत्तर में एवं तीसरे वर्ष नागपुर में होती है। जहां प्रति दो हजार स्वयंसेवकों पर एक प्रतिनिधि का चयन किया जाता है। यह बैठक संगठन कार्य के विस्तार, दृढ़ीकरण एवं विविध प्रांतों के विशेष कार्य, प्रयोग एवं अनुभव साझा करने की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। बैठक में समाज जीवन में सक्रिय 35 संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा भी वृत्त रखा जाता है। इसके अलावा संघ शिक्षा वर्गों के प्रवास व प्रशिक्षण तथा अगले वर्ष की कार्ययोजना भी इस बैठक में तैयार की जाती है।

राम मंदिर मामले पर सवाल को लेकर डॉ. वैद्य ने कहा कि इस मामले में संबंधित पक्ष न्यायालय में अपनी बात रख चुके हैं। अब इसे सर्वोच्च न्यायालय को देखना है। बैठक में लोकसभा चुनाव पर चर्चा के सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति पर चर्चा नहीं होगी, लेकिन सभी लोग मतदान प्रक्रिया में भाग लें और चुनाव में 100% मतदान हो, इस के लिए स्वयंसेवक समाज में जनजागरण करेंगे।

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ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय की राजापार्क शाखा का कार्यक्रम संपन्न

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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की जयपुर स्थित शाखा राजापार्क में रविवार को आध्यात्म व्याख्यान संपन्न हुआ।

“समाज, आध्यात्मिकता और दिव्यता“ टॉपिक पर यह व्याख्यान कार्यक्रम राजापार्क में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता राजयोगिनी पूनम दीदी थी। जबकि मुख्य अतिथि राजस्थान विश्वविद्यालय के सॉशियोलॉजी डिपार्टमेंट की एचओडी डॉ. मंजू कुमारी थी। विधायक वेद प्रकाश सोलंकी, रेसला के ब्लॉक अध्यक्ष प्रेसिडेंड रामजीलाल मीणा, यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष राजपाल शर्मा, राजस्थान विवि छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद जाखड़, कांग्रेस की उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा तथा महासचिव हुकुम मीणा आदि मौजूद थें।

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