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जार राजस्थान की कार्यकारिणी में पत्रकार हितों पर हुआ मंथन

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प्रदेश में पत्रकारों की समस्याओं को सरकार तक कैसे पहुंचाया जाये, इसको लेकर जार राजस्थान की कार्यकारिणी की बैठक में मंथन हुआ।

जर्नलिस्टस एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) की प्रदेश कार्यकारिणी की यह अहम बैठक रविवार को यहां हेरिटेज रानी महल होटल संपन्न हुई। जार राजस्थान के संस्थापक सदस्य और एनयूजेआई के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव गुलाब बत्रा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संगठन की मजबूती और संगठन में सक्रिय व स्वच्छ छवि के पत्रकारों को जोडऩे पर गंभीर मंथन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जार राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जयपुर महानगर टाइम्स के संपादक गोपाल शर्मा थे। बैठक में प्रदेश के 18 जिलों से प्रदेश कार्यकारिणी पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी व सदस्य शामिल हुए।

मुख्य वक्ता गोपाल शर्मा ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में पत्रकार समाज पर आए संकट को देखते हुये राजस्थान में मजबूत पत्रकार संगठन की आवश्यकता है। उन्होंने तमाम तरह की गुटबाजी खत्म करके पत्रकार समाज को एकजुट होकर पत्रकार हित में बीडा उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार अपनी जान की परवाह किए बिना समाज हित में लगा रहता है। केवल जार ही एक मात्र ऐसा संगठन है जो पत्रकारों के हितों की रक्षा कर सकता है। जार राजस्थान ने पत्रकार समाज के लिए कई फैसले करवाए हैं। यह संगठन एक समय में पूरे देश के संगठनों के लिए प्रेरणा का केन्द्र रहा है।

कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार गुलाब बत्रा ने करीब एक दशक से जार राजस्थान की निष्क्रियता और संगठन को हुए नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि निजी स्वार्थों के चलते कुछ लोगों ने इस संगठन को नुकसान पहुंचाया है। एक समय था जब जार का सदस्य बनने के लिये पत्रकार लालायित रहते थे।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा एवं प्रदेश महासचिव संजय कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम शर्मा, कुश कुमार मिश्रा, दीपक लवानिया, एनयूजेआई के राष्ट्रीय सचिव घनश्याम एस.बाघी ने गोपाल शर्मा, गुलाब बत्रा का साफा पहनाकर अभिनंदन किया। मौजूदा कार्यकारिणी ने तीन माह के कार्यों, कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी दी।

बैठक में बताया गया कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले पत्रकार हितों के लिए मौजूदा कार्यकारिणी ने पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकार संघों को जमीन आवंटन, न्यूज पोर्टल व वेबसाइट को विज्ञापन मान्यता देने, पत्रकार आवास योजना, लघु और मझंले समाचार पत्रों को नियमित विज्ञापन पॉलिसी आदि मांगों को कांग्रेस व भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल करवाया गया। प्रदेश में सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने इन्हें केबिनेट से पारित करवाकर एक सौ दिन की कार्ययोजना में शामिल किया है। जार राजस्थान के मांग पत्र के आधार पर सरकार पहली बार पत्रकार संघों को जमीन आवंटन के नियम बना रही है। न्यूज वेबसाइट और न्यूज पोर्टल को विज्ञापन मान्यता देने, पत्रकार सुरक्षा कानून का मसौदा तैयार हो रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशों को लागू करवाने, पत्रकार आवास योजना के लिए सीएम अशोक गहलोत, डीआईपीआर मिनिस्टर डॉ.रघु शर्मा और श्रममंत्री टीकाराम जूली को ज्ञापन दिए गए है। बैठक में सदस्यता अभियान, संगठन में गलत तरीके से सदस्यता लेने वाले दागी और आपराधिक छवि के लोगों और व्यापारिक व्यक्तियों को संगठन से बाहर करने, इनके खिलाफ आपराधिक मुकदमें दर्ज करवाने, पत्रकार सामुहिक दुर्घटना बीमा, मेडिकल योजना, ग्रामीण पत्रकारों के उचित मानदेय और तहसील स्तर पर पत्रकार आवास योजना आदि प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

बैठक में पदाधिकारियों ने भ्रष्टाचार और गबन के मामले में संगठन से निकाले गए पूर्व पदाधिकारियों पर की जा रही कानूनी कार्यवाही से भी अवगत कराया। बैठक में वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र राज, एनयूजेआई के राष्ट्रीय सचिव घनश्याम एस.बाघी, प्रदेश कोषाध्यक्ष रामबाबू सिंघल, उपाध्यक्ष श्याम शर्मा, विजय मौर्य, दीपक लवानिया, कुश कुमार मिश्रा, ललित परिहार, सुभाष शर्मा, गौरव शर्मा, प्रदेश सचिव दिलीप भाटी, कौशल मूंदड़ा, बृजेश व्यास, संतोष खाचरियावास, वेदप्रकाश, कमल वैष्णव, भाग सिंह समेत 18 जिलों के पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य शामिल हुए।

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RSS ने सरकारों से कहा: परिवार मजबूत रहें, इसके लिये उठाये कदम

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ग्वालियर में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में शनिवार को सशक्त परिवार कैसे बने, इसको लेकर मंथन हुआ।

इस दौरान प्रस्ताव पास किया गया। जिसमें परिवारों का विखंडन रोकने के लिये आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया। आरएसएस के कार्यकर्ताओं से इस मिशन से जुड़ने का आह्वान किया गया है। प्रस्ताव में मां की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। प्रतिनिधि सभा ने सभी सरकारों से भी अनुरोध किया है कि वे परिवार को सशक्त बनाने के लिये जरूरी कदम उठाये।

बैठक में समाज में बढ़ते अपराधों और विकृतियों पर गहरी चिंता जताई गई। इसके लिए परिवार विखंडन को जिम्मेदार ठहराया गया। वक्ताओं का मानना है कि इससे हिंदू समाज के सामने कई तरह की चुनौतियां खड़ी हो रही है। प्रस्ताव के अनुसार, परिवार व्यवस्था हमारे समाज का मानवता को दिया हुआ अनमोल योगदान है। अपनी विशेषताओं के कारण हिन्दू परिवार व्यक्ति को राष्ट्र से जोड़ते हुए वसुधैव-कुटुम्बकम् तक ले जाने वाली यात्रा की आधारभूत इकाई है। परिवार व्यक्ति की आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा की सम्पूर्ण व्यवस्था के साथ-साथ नई पीढ़ी के संस्कार निर्मिति एवं गुण विकास का महत्त्वपूर्ण माध्यम है। हिन्दू समाज के अमरत्व का मुख्य कारण इसका बहुकेन्द्रित होना है एवं परिवार व्यवस्था इनमें से एक सशक्त तथा महत्त्वपूर्ण केन्द्र है।

एकल परिवारों की बढ़ती संख्या पर चिंता

प्रस्ताव में संयुक्त परिवारों की संख्या कम होने पर चिंता जताई गई। एकल परिवार संस्कृति से एकाकीपन बढ़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप नशाखोरी, हिंसा, जघन्य अपराध तथा आत्महत्याएँ चिन्ताजनक स्तर पर पहॅुंच रही हैं। परिवार की सामाजिक सुरक्षा के अभाव में वृद्धाश्रमों की सतत वृद्धि चिंताजनक है।

परिवार संरक्षण के लिये अपील

समाज निर्माण की दिशा में पूज्य साधु-सन्तों एवं धार्मिक-सामाजिक-शैक्षणिक-वैचारिक संस्थाओं की सदैव महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है. प्रतिनिधि सभा इन सबसे भी अनुरोध करती है कि वे परिस्थिति की गंभीरता को समझकर परिवार संस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए हर सम्भव प्रयास करें।

प्रचार-प्रसार से जुड़े संस्थाओं से अपील की गई है कि वे सकारात्मक रवैया अपनाये और परिवार की जड़ें मजबूत करने का प्रयास करें।

फिल्म निर्माताओं से अपील की गई है कि वे ऐसी फिल्मों का निर्माण करें जिससे परिवार मजबूत बनें।

प्रतिनिधि सभा सभी सरकारों से भी अनुरोध करती है कि वे शिक्षा-नीति बनाने से लेकर परिवार सम्बंधी कानूनों का निर्माण करते समय परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपना रचनात्मक योगदान दें।

परिस्थितिजन्य विवशताओं के कारण एकल परिवारों में रहने के लिये बाध्य हो रहे व्यक्ति भी अपने मूल परिवार के साथ सजीव संपर्क रखते हुए निश्चित अंतराल पर कुछ समय सामूहिक रूप से अवश्य बिताएँ।

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शबरीमाला: RSS का आरोप हिंदुओं पर ज्यादती कर रही है केरल सरकार

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा शुक्रवार से यहां ग्वालियर में शुरू हुई। इस प्रतिनिधि सभा में शबरीमला मंदिर मामला और परिवार व्यवस्था के संरक्षण पर पारित किए जाएंगे।

यहां केदारधाम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के सभागार में बैठक का शुभारंभ सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह भय्याजी जोशी ने भारतमाता के चरणों में पुष्प अर्पित कर किया। बैठक के दौरान विभिन्न सत्रों में होने वाली चर्चा की पत्रकारों को जानकारी दी। सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने बताया कि शबरीमला देवस्थान मामला सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा से जुड़ा है। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के दखल की आड़ लेकर केरल सरकार हिन्दू श्रद्धालुओं के साथ ज्यादाती कर रही है। इस विषय पर बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

बैठक में वर्तमान परिस्थितियों में परिवार व्यवस्था के समक्ष चुनौतियों पर भी चर्चा होगी। संघ इस विषय में भारतीय दर्शन के अनुसार ‘मैं से हम’ तक जाने की प्रक्रिया पर समाज के बीच काम करेगा।

आरएसएस की प्रतिनिधि सभा

वैद्य ने बताया कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक संघ कार्य के संबंध में निर्णय लेने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी बैठक वर्ष में एक बार आयोजित की जाती है। यह बैठक एक साल दक्षिण में, एक साल उत्तर में एवं तीसरे वर्ष नागपुर में होती है। जहां प्रति दो हजार स्वयंसेवकों पर एक प्रतिनिधि का चयन किया जाता है। यह बैठक संगठन कार्य के विस्तार, दृढ़ीकरण एवं विविध प्रांतों के विशेष कार्य, प्रयोग एवं अनुभव साझा करने की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। बैठक में समाज जीवन में सक्रिय 35 संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा भी वृत्त रखा जाता है। इसके अलावा संघ शिक्षा वर्गों के प्रवास व प्रशिक्षण तथा अगले वर्ष की कार्ययोजना भी इस बैठक में तैयार की जाती है।

राम मंदिर मामले पर सवाल को लेकर डॉ. वैद्य ने कहा कि इस मामले में संबंधित पक्ष न्यायालय में अपनी बात रख चुके हैं। अब इसे सर्वोच्च न्यायालय को देखना है। बैठक में लोकसभा चुनाव पर चर्चा के सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति पर चर्चा नहीं होगी, लेकिन सभी लोग मतदान प्रक्रिया में भाग लें और चुनाव में 100% मतदान हो, इस के लिए स्वयंसेवक समाज में जनजागरण करेंगे।

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ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय की राजापार्क शाखा का कार्यक्रम संपन्न

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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की जयपुर स्थित शाखा राजापार्क में रविवार को आध्यात्म व्याख्यान संपन्न हुआ।

“समाज, आध्यात्मिकता और दिव्यता“ टॉपिक पर यह व्याख्यान कार्यक्रम राजापार्क में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता राजयोगिनी पूनम दीदी थी। जबकि मुख्य अतिथि राजस्थान विश्वविद्यालय के सॉशियोलॉजी डिपार्टमेंट की एचओडी डॉ. मंजू कुमारी थी। विधायक वेद प्रकाश सोलंकी, रेसला के ब्लॉक अध्यक्ष प्रेसिडेंड रामजीलाल मीणा, यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष राजपाल शर्मा, राजस्थान विवि छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद जाखड़, कांग्रेस की उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा तथा महासचिव हुकुम मीणा आदि मौजूद थें।

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