Category Archives: Jaipur Heritage

यह विशाल मंदिर कभी सिमटा था एक छोटी कोठरी में

दशकों पहले एक छोटा सा मंदिर था। यहां हनुमान जी की साधारण सी दिखने वाली प्रतिमा विराजमान थी। राह से गुजरते वक्त किसी का ध्यान इस मंदिर पर पड़ता तो वह अपनी श्रद्धा के हिसाब से चढ़ावा चढ़ा जाते। वक्त गुजरता गया। यहां से नियमित

राजस्थान के इस किले से दुश्मन पर दागे थे चांदी के गोले

राजस्थान के किले World Famous है। यहां के किले अपनी अनूठी स्थापत्य शैली के साथ उनसे जुड़ी रोचक कहानियों और घटनाओं के लिए भी  जाने जाते हैं। हम आपको बता रहे है चुरू के किले (Churu Fort)  की अनोखी खासियत के बारे में। एक वक्त पर

वाकई प्राचीन सभ्यताओं और कलाओं का संग्रह है अल्बर्ट हॉल

जयपुर के रामनिवास बाग में स्थित अल्बर्ट हॉल संग्रहालय (albert hall museum) में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ कई अन्य देशों की संस्कृति देखने को मिल जाएगी।  यहां आपकों राजपूत, मुगल, ब्रिटिश और इरानी स्थापत्य कला के दर्शन होंगे। गलियारों और बरामदों में रामायण

जयबाण एक बार चली और 35 किलोमीटर दूर बन गया तालाब

जयपुर के संस्थापक सवाई जयसिंह द्वितीय को स्थापत्य कला और खगोल विद्या के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपने इन गुणों के आधार एक सुनियोजित शहर जयपुर की स्थापना की। सवाई जयसिंह द्वितीय कुशल योद्धा और रणनीतिकार भी थे। सवाई

खूबसूरत नाहरगढ़ किले की रोचक कहानी

राजस्थान की राजधानी जयपुर में उत्तर—पश्चिम में अरावली की पहाड़ी पर स्थित पीले रंग का नारहगढ़ किला गुलाबी नगर की खूबसूरती में चार चांद लगाता है। नाहरगढ़ का किला शहर के लगभग हर कोने से नजर आता है। रात में यहां जब लाइटिंग होती है